जिंदगी
जिंदगी एक अनसुलझी पहेली है,
या हर सवाल का जवाब जिंदगी है...
है हकीकत ये,
या हर हकीकत से बढ़कर एक ख्वाब जिंदगी है...
है ये कठिन एक सफर,
या ख्वाहिशो की उड़ान जिंदगी है...
गुमनामी का दूसरा नाम है ये,
या अपनी एक अलग पहचान जिंदगी है...
है साजिशों से भरी,
या मासूमियत जिंदगी है...
एक सी चलती है, या फिर
पल पल बदलती फितरत जिंदगी है...
दूर से रिझाती है,
या रूह के पास जिंदगी है...
है नफरतों में घुट्टी हुई,
या प्यार का कोमल एहसास जिंदगी है...
जिंदा रहने की खातिर है जिंदगी,
या जीने का नाम जिंदगी है...
तरसाती हुई साकी बाला है, या फिर
सदियों की तृष्णा बुझाता जाम जिंदगी है...
महज़ साँसों का चलना है,
या धडकनों की रफ़्तार जिंदगी है...
वक्त के संग बहती है, या
वक्त के थपेडों का सामना कर के भी बरकरार जिंदगी है...
है अधमरी कोई आस,
या अटूट विश्वास जिंदगी है...
है अच्छी, या है बुरी,
या अच्छे-बुरे का सारांश जिंदगी है...
है सुनसान, वीरान सी,
या आबाद जिंदगी है...
इश्वर-अल्लाह-इसा मसीह की खोज है ये,
या उन्ही की एक मुराद है जिंदगी...
इस दुनिया के कण कण में है,
या मुझमें छुपी जिंदगी है...
क्या खामोश रह कर भी, इशारों में,
कुछ कहती रही जिंदगी है...
है चुप-चाप, सहमी हुई सी,
या खिलखिलाकर मुस्कुराती जिंदगी है...
है हमेशा से स्थायी ये,
या जिंदगी से आती-जाती जिंदगी है...
है खामोश ये,
या कोई आवाज़ जिंदगी है...
है यूँही चलते रहना,
या जिंदगी जीने का अंदाज़ जिंदगी है...
डूबी है अपने-आप में, या
औरों के लिए बेकार जिंदगी है...
आपके लिए न जाने क्या है,
मेरे लिए बस प्यार जिंदगी है...
जिंदगी एक अनसुलझी पहेली है,
या हर सवाल का जवाब जिंदगी है...
है हकीकत ये,
या हर हकीकत से बढ़कर एक ख्वाब जिंदगी है...
है ये कठिन एक सफर,
या ख्वाहिशो की उड़ान जिंदगी है...
गुमनामी का दूसरा नाम है ये,
या अपनी एक अलग पहचान जिंदगी है...
है साजिशों से भरी,
या मासूमियत जिंदगी है...
एक सी चलती है, या फिर
पल पल बदलती फितरत जिंदगी है...
दूर से रिझाती है,
या रूह के पास जिंदगी है...
है नफरतों में घुट्टी हुई,
या प्यार का कोमल एहसास जिंदगी है...
जिंदा रहने की खातिर है जिंदगी,
या जीने का नाम जिंदगी है...
तरसाती हुई साकी बाला है, या फिर
सदियों की तृष्णा बुझाता जाम जिंदगी है...
महज़ साँसों का चलना है,
या धडकनों की रफ़्तार जिंदगी है...
वक्त के संग बहती है, या
वक्त के थपेडों का सामना कर के भी बरकरार जिंदगी है...
है अधमरी कोई आस,
या अटूट विश्वास जिंदगी है...
है अच्छी, या है बुरी,
या अच्छे-बुरे का सारांश जिंदगी है...
है सुनसान, वीरान सी,
या आबाद जिंदगी है...
इश्वर-अल्लाह-इसा मसीह की खोज है ये,
या उन्ही की एक मुराद है जिंदगी...
इस दुनिया के कण कण में है,
या मुझमें छुपी जिंदगी है...
क्या खामोश रह कर भी, इशारों में,
कुछ कहती रही जिंदगी है...
है चुप-चाप, सहमी हुई सी,
या खिलखिलाकर मुस्कुराती जिंदगी है...
है हमेशा से स्थायी ये,
या जिंदगी से आती-जाती जिंदगी है...
है खामोश ये,
या कोई आवाज़ जिंदगी है...
है यूँही चलते रहना,
या जिंदगी जीने का अंदाज़ जिंदगी है...
डूबी है अपने-आप में, या
औरों के लिए बेकार जिंदगी है...
आपके लिए न जाने क्या है,
मेरे लिए बस प्यार जिंदगी है...
मैंने यही पाया की ज़िन्दगी कुछ ऐसी ही है ये खुबसूरत है मेरे लिए अद्भुत है मै भी इस कविता के रंग मै रंग गया हूँ आप भी इसमे सराबोर हो जाइये